भारत की केंद्र सरकार द्वारा संचालित PM Awas Yojana में वर्ष 2025 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सर्वे की अंतिम तिथि को एक बार फिर बढ़ाकर 18 जून 2025 तक कर दिया है। यह तीसरा विस्तार है जो मूल तिथि 31 मार्च 2025 से शुरू होकर पहले 30 अप्रैल, फिर 31 मई और अब 18 जून 2025 तक बढ़ाया गया है। इस निर्णय से अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
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योजना का विस्तार और नवीन घोषणाएं
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (PMAY-U) की समय सीमा को भी बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 तक कर दिया है। मूल रूप से इस मिशन की अवधि 31 मार्च 2022 तक थी, जिसे अब 31 दिसंबर 2025 तक विस्तार दिया गया है ताकि 31 मार्च 2022 तक स्वीकृत घरों का निर्माण पूरा किया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 से 2029 तक कुल 3 करोड़ मकान बनाए जाएंगे, जिसमें PMAY-U 2.0 के तहत 1 करोड़ घर और PMAY-ग्रामीण के तहत 2 करोड़ घर शामिल हैं।
सर्वे की तिथि विस्तार का कारण
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सर्वे की तिथि बढ़ाने का मुख्य कारण यह है कि दूरदराज के क्षेत्रों और बर्फीले इलाकों में सर्वे कार्य में देरी हो रही थी। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सहित कई राज्यों के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है। 4 जून 2025 तक जम्मू-कश्मीर में कुल 4,95,937 संभावित लाभार्थियों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें 72,826 स्वयं सर्वे के माध्यम से और 4,23,111 सहायता से सर्वे के जरिए शामिल किए गए हैं।
आवास योजना की पात्रता शर्तें
प्रधानमंत्री Awas Yojana 2025 के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:
मुख्य पात्रता मानदंड:
- आवेदक भारत का निवासी होना चाहिए
- आवेदक के पास पक्का घर नहीं होना चाहिए
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए
- आवेदक की वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख रुपए के बीच होनी चाहिए
- आवेदक का राशन कार्ड या बीपीएल सूची में नाम होना चाहिए
- आवेदक का वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य है
विशेष पात्रता श्रेणियां:
- बेघर परिवार
- जिन परिवारों के पास एक या दो कमरे का कच्चा मकान है
- परिवार जिसमें 25 वर्ष से अधिक आयु का कोई साक्षर वयस्क न हो
- परिवार जिसमें 16 से 59 वर्ष की उम्र वाला कोई वयस्क पुरुष सदस्य न हो
- दिव्यांग सदस्य वाले परिवार
- भूमिहीन pariwar रिजो नैमित्तिक श्रम से आय प्राप्त करते हैं
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय
वित्तीय सहायता और लाभ
आवास योजना के तहत लाभार्थियों को निम्नलिखित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:
ग्रामीण क्षेत्र के लिए:
मैदानी इलाकों में: ₹1,20,000
पहाड़ी क्षेत्रों में: ₹1,30,000
यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है
शहरी क्षेत्र के लिए:
EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवास के लिए: ₹1.5 लाख की सब्सिडी
शहरी क्षेत्रों में: ₹2.50 लाख तक की सब्सिडी
अतिरिक्त लाभ:
पीएम आवास के पैसों के अलावा लाभार्थी ₹70,000 तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं
मनरेगा के तहत,90 से 95,दिन की मजदूरी/
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण
उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
PM Awas Yojana 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल बनाया गया है:
आवश्यक दस्तावेज:
आधार कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों का)
MGNREGA जॉब कार्ड
बैंक पासबुक (DBT के लिए आधार से लिंक)
स्वच्छ भारत मिशन (SBM) नंबर
आय प्रमाण या BPL कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर (सक्रिय)
- PMAY-Urban Official Site
- “PM Awas Yojana 2025: घर पाने का सुनहरा मौका!”
- “सर्वे डेट बढ़ी, अब और परिवारों को मिलेगा घर”
- “पक्का घर का सपना अब होगा सच – PMAY 2025”
- “प्रधानमंत्री आवास योजना: नई डेडलाइन, नया मौका
ऑनलाइन आवेदन चरण:
आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाएं
“नागरिक आवेदन” विकल्प पर क्लिक करें
आधार कार्ड की जानकारी दर्ज करें
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए आधार eKYC पूरा करें
व्यक्तिगत और परिवारिक जानकारी भरें
बैंक खाता विवरण दर्ज करें
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन सबमिट करें
आवास प्लस एप 2024 की भूमिका
सरकार ने आवास सर्वे को आसान बनाने के लिए “आवास प्लस एप 2024” लॉन्च किया है। इस एप की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है
सेल्फ सर्वे का विकल्प उपलब्ध है
आधार नंबर के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन
हिंदी सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध
परिवार की महिला के नाम से आवेदन करने पर प्राथमिकता मिलती है
महिला केंद्रित प्रोत्साहन
आवास योजना में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। अकेली महिलाओं और विधवाओं समेत केवल महिलाओं के लिए अब तक 75,417 घर स्वीकृत किए जा चुके हैं। सर्वे के दौरान यदि परिवार की महिला के नाम से आवेदन किया जाता है तो उसे प्राथमिकता मिलती है।
योजना की प्रगति और आंकड़े
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के मुख्य आंकड़े निम्नलिखित हैं:
स्टेप-1 (2015-2024) की उपलब्धियां:
1,18,64,000 लाख मकान स्वीकृत
92 लाख मकान बनाकर लाभार्थियों को सौंपे गए
स्टेप-2 (2025-2029) का लक्ष्य:
कुल 3 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य
PMAY-U 2.0 के तहत 1 करोड़ घर
PMAY-ग्रामीण के तहत 2 करोड़ घर

राज्यवार कार्यान्वयन की स्थिति
विभिन्न राज्यों में आवास योजना की स्थिति अलग-अलग है। कुछ राज्यों में सर्वे का कार्य अभी भी चल रहा है जबकि अन्य में लाभार्थी चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हरियाणा के गोहाना में 548 लोग योजना के लिए पात्र हैं जिनमें से कई ने अभी तक काम पूरा नहीं किया है। बिहार के मुजफ्फरपुर में अब तक करीब 3 लाख 66 हजार से अधिक लाभार्थियों का नाम सूची में शामिल किया जा चुका है।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
आवेदन जमा करने के बाद निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाता है:
सत्यापन चरण:
ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला प्रशासन के अधिकारी पात्रता की जांच करते हैं
सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आधार पर सत्यापन
यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाभार्थी के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं है
स्वीकृति प्रक्रिया:
पात्र लाभार्थियों का नाम PMAY-G लाभार्थी सूची में जोड़ा जाता है
स्वीकृति पत्र (Sanction Order) जारी किया जाता है
लाभार्थी को मोबाइल पर SMS के माध्यम से जानकारी भेजी जाती है
स्वयं सर्वे की विशेषताएं
योजना में स्वयं सर्वे (Self Survey) की सुविधा भी उपलब्ध है। इसकी मुख्य विशेषताएं हैं:
आवेदक स्वयं अपना सर्वे कर सकते हैं
मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे आवेदन
आधार eKYC के माध्यम से पहचान सत्यापन
स्वयं सर्वे करने वालों की जांच सरकारी एजेंसी द्वारा की जाती है
निर्माण कार्य की समय सीमा
योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा में अपना घर पूरा करना होता है:
पहली और दूसरी किस्त लेने वालों को 31 दिसंबर 2025 तक निर्माण पूरा करना होगा
समय पर कार्य पूरा न करने पर तीसरी किस्त नहीं मिलेगी
लाभार्थी को एक साल के भीतर घर का निर्माण करना होता है
योजना को गति देने वाले प्रमुख प्रयास
सरकार द्वारा,Awas Yojana, को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए ,निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
सभी PMAY परियोजनाएं RERA प्रमाणित हैं
सस्ती आवास योजनाओं को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ का दर्जा दिया गया है
राष्ट्रीय शहरी आवास निधि (NUHF) से 60,000 करोड़ रुपए की बाहरी वाणिज्यिक उधारी
सस्ती आवास परियोजनाओं पर GST 8% से घटाकर केवल 1% किया गया
सस्ती आवास निधि (AHF) ₹10,000 करोड़ की प्रारंभिक राशि
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना 2025-29 के तहत सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य हैं:
मुख्य लक्ष्य:
2029 तक कुल 3 करोड़ पक्के मकान बनाना
सभी पात्र परिवारों को घर उपलब्ध कराना
टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल आवास निर्माण
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
नवाचार:
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया
मोबाइल एप के जरिए आसान आवेदन
रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पैसा सीधे खाते में
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना 2025 में सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ाना एक महत्वपूर्ण निर्णय है जो अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने में सहायक होगा। 18 जून 2025 की नई अंतिम तिथि के साथ, दूरदराज के क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के परिवारों को भी अपना सर्वे कराने का पर्याप्त समय मिल गया है। सरकार का 2029 तक 3 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य एक व्यापक दृष्टिकोण दर्शाता है जो भारत को “सबके लिए घर” के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
इस योजना की सफलता न केवल आवास की समस्या के समाधान में निहित है बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास में भी योगदान देती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध कार्यान्वयन इस योजना को भारत की सबसे सफल सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक बनाते हैं।
My कृष्ण कुमार NеwsKhabar.Nеt आपकी ताजा खबरों का स्रोत!
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